Google Adsense Payment Method Kaise Add Kare ! गूगल एडसेंस Payment Bank Information कैसे भरे.

9 thoughts on “ Google Adsense Payment Method Kaise Add Kare ! गूगल एडसेंस Payment Bank Information कैसे भरे. ”

Sir,
Mera account on me hai or Mai Bihar( Patna) me rahta hu lekin jab pnb ka swift code find karta hu to swift code ka option Bihar me aata hi nahi to Mai Kya karu

Jyada dimag par jor mat dijiye pahale apne bank me jaiye aur unse swift code mangiye jo sabase najdik aur badi branch hogi unka swift code diya jayega aapko.

Adsense account ka payment kisi acount me mnagne ke liye kuch change karne padte hai kya adsense Account ke anadr? Jse contact details ya kuch bhi..

Mera account verified ho chuka hai or name changr nhi ho rha

name change nahi hota hai ha lekin adsense payment relatives ke account me le sakte hai.

sir mere bank branch ka swift code nahi hai me apne pass ke branch ka swift code apni detail me bhar dunga but mujhe payment lene us branch me jana padega kya ap payment apne ap he mere account me aa jayegi plzz bataye.

Nahi aapke hi account me ayega Lekin pahale us bank me jayega jaha ka swift code hai. Bah khud aapko डॉलर कॉस्ट मेथड? call karenge aage kya karna hai is bare me.

Awesome article sir bahut accha laga apka article padh kar

mera bank Ac PNB me Allahabad UP hai iska swift code nahi hai to mai iske head branch Delhi ka swift code add kar sakta hu ya allahabad ke pas ke district ka swift code use kar sakta hu.
vaise har district ka swift code alag alag hai lekin mere district ka kyo nahi hai

दुबई जाकर खरीदें iPhone, हवाई किराए के बाद भी पड़ेगा भारत से सस्ता

जाने माने यूट्यूबर ध्रुव राठी ने फेसबुक पोस्ट पर बताया है कि iPhone 12 की खरीदारी दुबई जाकर करने से कितने पैसे बचते हैं.

एप्पल (Apple) के हाल ही में iPhone 12 लॉन्च किया है. iPhone 12 ने धूम मचाई हुई है. (Image- apple.com)

एप्पल (Apple) के हाल ही में iPhone 12 लॉन्च किया है. iPhone 12 ने धूम मचाई हुई है. लॉन्चिंग के शुरुआती 24 घंटों में iPhone 12 के लिए 20 लाख प्री-ऑडर्स हासिल हुए हैं. भारत में भी इसे लेकर काफी क्रेज देखने को मिल रहा है. भारत में इसकी कीमत करीब 1.20 लाख रुपये है.

अगर आप भी iPhone 12 खरीदने का प्लान बना रहे हैं तो पहले यह खबर पढ़ लें. क्योंकि भारत के मुकाबले अन्य देशों में यह फोन काफी सस्ता है. और अगर फोन एक्सपर्ट की मानें तो दुबई में यह फोन इतना सस्ता है कि आप दुबई में आईफोन खरीदने के साथ वीकएंड मनाकर भी वापस आ सकते हैं. फिर भी यह भारत में खरीदने से सस्ता ही पड़ेगा.

जाने माने यूट्यूबर ध्रुव राठी ने फेसबुक पोस्ट पर बताया है कि iPhone 12 की खरीदारी दुबई जाकर करने से कितने पैसे बचते हैं.

टैक्स की वजह से महंगा
ध्रुव राठी ने अपनी पोस्ट में भारत के टैक्स सिस्टम के बारे में बताया कि यहां आईफोन पर इतना ज्यादा टैक्स है कि आप इसे दुबई जाकर खरीदकर लाएं तो किराया-भाड़ा मिलाने के बाद भी यह भारत से सस्ता ही पड़ेगा.

Apple

राठी के मुताबिक, भारत सरकार ने मार्च में मोबाइल फोन पर गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) 12 फीसदी से बढ़ाकर 18 फीसदी कर दिया था. इसके अलावा इंपोर्टर को 20 फीसदी की बेसिक इंपोर्ट ड्यूटी के साथ 2 फीसदी सैस का भुगतान भी करना पड़ता है. इन तमाम टैक्स के बाद iPhone 12 दुबई के मुकाबले भारत में करीब 35,000 और अमरीका के मुकाबले करीब 44,000 रुपए महंगा है. दुबई में iPhone 12 प्रो की कीमत करीब 84,000 रुपये है.

ध्रुव राठी बताते हैं कि दुबई के रिटर्न टिकट की कीमत 20,000 रुपये है. इस तरह दुबई जाकर आप आईफोन को खरीदेंगे तो कुल खर्चा 1.04 लाख रुपये आएगा. और भारत में इसकी कीमत 1.20 लाख रुपये है. इस तरह आप दुबई घूम भी आएंगे और फोन भी ले आएंगे, फिर भी आपको करीब 14,000 रुपये की बचत होगी.

हालांकि ये बात भी सही है कि कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus pandemic) के चलते कोई भी इस समय दुबई या अन्य किसी देश की सैर करना नहीं चाहेगा. खासतौर से लोग इस समय हवाई यात्रा से बचना पसंद कर रहे हैं.

रिपेयरिंग भी बहुत महंगी
आईफोन 12 प्रो की कीमत तो ज्यादा है ही, साथ ही इसकी रिपेयरिंग भी बहुत महंगी है. अमेरिका में iPhone 12 और iPhone 12 Pro पर एक नई स्क्रीन लगवाने की कीमत 279 डॉलर (लगभग 21,000 रुपये) होगी. एप्पल (Apple) की यूएस वेबसाइट पर लिस्टेड कीमतों के अनुसार, iPhone 12 डिवाइस टूटने पर 'Other damage' में आया तो आपको 449 डॉलर (करीब 33,000 रुपये) से ज्यादा चुकाने पड़ सकते हैं.

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इसी तरह iPhone 12 Pro की रिपेयरमेंट कॉस्ट 549 डॉलर (करीब 40,300 रुपये) होगी. हालांकि, AppleCare+ के साथ इसके लिए केवल 99 डॉलर (करीब 7,250 रुपये) देने होंगे और बैटरी रिप्लेसमेंट का खर्च 69 डॉलर (करीब 5000 रुपये) आएगा.

स्टैंडर्ड iPhone 12 के आउट ऑफ वारंटी होने के बाद इसका डिस्प्ले रिप्लेस करवाने के लिए आपको 279 डॉलर (करीब 20,500 रुपये) खर्च करने पड़ेंगे.

यदि कार का औसत क्रय मूल्य 30000 अमेरिकी डॉलर है और प्रत्येक कार पर लगाया गया पर्यावरणीय कर इसके क्रय मूल्य का 2.5% है, तो इन 6 देशों में कारों के उत्पादन से एकत्रित पर्यावरणीय कर (अमेरिकी बिलियन डॉलर में) कितना है?

SSC CGL Tier III Result has been released on 20th December 2022 for the 2021 cycle. The candidates who cleared the Tier III are eligible for Document Verification/ Skill Test. Earlier, Staff Selection Commission had released the SSC CGL Answer Key on 17th December 2022. SSC CGL 2022 Tier I Exam was conducted from 1st to 13th December 2022. The SSC CGL 2022 Notification was out on 17th September 2022. The SSC CGL Eligibility is a bachelor’s degree in the concerned discipline. This डॉलर कॉस्ट मेथड? year, SSC had completely changed the exam pattern and for the same, the candidates can read the SSC CGL New Exam Pattern to know more.

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विनिमय दर जोखिम और पूंजी की लागत (Exchange Rate Risk & Cost of Capital)

विनिमय दर जोखिम और पूंजी की लागत (Exchange Rate Risk & Cost of Capital)डॉलर कॉस्ट मेथड?

विनिमय दर जोखिम / 'विदेशी मुद्रा जोखिम' क्या है

विदेशी मुद्रा जोखिम जिसे एफएक्स जोखिम, मुद्रा जोखिम, या विनिमय दर जोखिम भी कहा जाता है - मुद्रा विनिमय दरों में परिवर्तन के कारण निवेश के मूल्य में परिवर्तन का वित्तीय जोखिम है। यह विनिमय दर में प्रतिकूल आंदोलन के कारण, किसी विदेशी मुद्रा में लंबी या छोटी स्थिति को बंद करने की आवश्यकता होने पर निवेशक के जोखिम को भी संदर्भित करता है।

विदेशी मुद्रा जोखिम आम तौर पर ऐसे व्यवसायों को प्रभावित करता है जो अपने उत्पादों, सेवाओं और आपूर्तियों को निर्यात और / या आयात करते हैं। यह अंतरराष्ट्रीय निवेश करने वाले निवेशकों को भी प्रभावित करता है। उदाहरण के लिए यदि एक निश्चित निवेश करने के लिए धन को किसी अन्य मुद्रा में परिवर्तित किया जाना चाहिए, तो मुद्रा विनिमय दर में किए गए किसी भी बदलाव से निवेश का मूल्य कम हो जाएगा या निवेश को बेचा जाएगा और मूल मुद्रा में वापस परिवर्तित किया जाएगा।

विनिमय दर जोखिम (मुद्रा जोखिम) दूसरे के संबंध में एक डॉलर कॉस्ट मेथड? मुद्रा के भविष्य के विकास की अनिश्चितता है। विनिमय दर जोखिम विनिमय दर में बदलाव की वजह से पैसे कमाने की क्षमता को संदर्भित करता है। मुद्रा जोखिम, वह जोखिम हैं जो मुद्राओं के सापेक्ष मूल्यांकन में परिवर्तन से उत्पन्न होते हैं। इन परिवर्तनों से अप्रत्याशित लाभ और हानियां पैदा हो सकती हैं जब निवेश से, लाभ या लाभांश विदेशी मुद्रा से अमेरिकी डॉलर में परिवर्तित हो जाते हैं। निवेशक किसी भी मुद्रा से संबंधित लाभ या हानियों को परस्पर बंद करने के लिए डिज़ाइन की गई हेजेज और अन्य तकनीकों का उपयोग कर मुद्रा जोखिम को कम कर सकते हैं।

उदाहरण के लिए, मान लीजिए कि एक अमेरिकी आधारित निवेशक 100 यूरो के लिए जर्मन स्टॉक खरीदता है। इस स्टॉक को खरीदते समय, यूरो विनिमय दर प्रति अमेरिकी डॉलर 1.5 से 1.3 यूरो तक गिरती है। यदि निवेशक 100 यूरो के लिए स्टॉक बेचता है, तो उसे यूरो से यू.एस. डॉलर के मुनाफे के रूपांतरण पर 13% नुकसान होगा। हालांकि, अगर उस निवेशक ने यूरो को कम-से-कम बेचकर अपनी स्थिति को संभाला, तो यूरो के गिरावट से लाभ रूपांतरण पर 13% की हानि को समाप्त कर देगा। इस लेख में, हम देखेंगे कि कैसे निवेशक अपने पोर्टफोलियो की सुरक्षा के लिए मुद्रा जोखिम का प्रबंधन कर सकते हैं और अपने जोखिम समायोजित रिटर्न में सुधार कर सकते हैं।

विनिमय दर जोखिम, निवेशक के देश की तुलना में, एक अलग मुद्रामूल्य में होने वाले बॉन्ड में डॉलर कॉस्ट मेथड? निवेश करते समय घरेलू मुद्रा में कम प्राप्त करने का जोखिम है। जब निवेशक अपने घर के अलावा किसी अन्य मुद्रा में नामित बंधन खरीदते हैं, तो उन्हें जोखिम का आदान-प्रदान करने के लिए सामना करना पड़ता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि ब्याज और मूल का भुगतान विदेशी मुद्रा में होगा।

जब निवेशक उस मुद्रा को प्राप्त करते हैं, तो उन्हें विदेशी मुद्रा बाजारों में जाना पड़ता है और उन्हें अपनी घरेलू मुद्रा खरीदने के लिए, विदेशी बेचना पड़ता है। जोखिम यह है कि उनकी विदेशी मुद्रा उनके घरेलू देशों की मुद्रा की तुलना में कम हो जाएगी और उन्हें प्राप्त होने की अपेक्षा से कम धन मिलेगा। उदाहरण के तौर पर, मान लीजिए कि एक अमेरिकी निवेशक यूरो मूल्यवान बंधन खरीदता है। जब ब्याज भुगतान आता है और यदि यूरो के मूल्य में गिरावट आई है, तो निवेशक विदेशी मुद्रा बाजारों में लेनदेन करते समय अपेक्षाकृत यूएसडी में कम प्राप्त करेगा। संक्षेप में, निवेशक को यूरो बेचने पर कम यूएसडी मिलेगा।

विनिमय जोखिम का माप

यदि विदेशी मुद्रा बाजार कुशल हैं जैसे क्रय शक्ति समानता, ब्याज दर समानता, और अंतर्राष्ट्रीय फिशर प्रभाव सही है, तो एक निवेश या निवेशक को अंतर्राष्ट्रीय निवेश निर्णयों की उदासीनता के कारण विदेशी मुद्रा जोखिम से बचाने की आवश्यकता नहीं है। तीन अंतरराष्ट्रीय समानता स्थितियों में से एक या अधिक से विचलन पर आम तौर विदेशी मुद्रा जोखिम होने की संभावना होती है।

वित्तीय जोखिम को आमतौर पर भिन्नता (Method of variation) या मानक विचलन (Standard Deviation) के मामले में मापा जाता है जैसे कि प्रतिशत रिटर्न या परिवर्तन की दर। विदेशी मुद्रा में, एक प्रासंगिक कारक मुद्राओं के बीच स्पॉट विनिमय दर में परिवर्तन की दर होगी। भिन्नता विनिमय दर के जोखिम से विनिमय दर जोखिम का प्रतिनिधित्व करती है, जबकि मानक विचलन एक औसत वितरण दर से विनिमय दर, और औसत विनिमय दर से विनिमय दर जोखिम का प्रतिनिधित्व करता है।

एक उच्च मानक विचलन एक बड़ा मुद्रा जोखिम संकेत होगा। अर्थशास्त्री ने विचलन के अपने समान उपचार के लिए जोखिम संकेतक के रूप में मानक विचलन की सटीकता की आलोचना की है, चाहे वह सकारात्मक या नकारात्मक हों, और स्वचालित रूप से विचलन मूल्यों को कम करने के लिए वित्तीय जोखिम को मापने के लिए औसत पूर्ण विचलन और अर्धविराम जैसे विकल्प उन्नत किए गए हैं।

Cryptocurrency में करते हैं निवेश तो जानिए एंट्री और एग्जिट की परफेक्ट टाइमिंग और खूब बनाएं पैसा

फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स की सलाह होती है कि अगर आप Cryptocurrency में निवेश करते हैं तो मल्टी टाइम्स रिटर्न की जगह हर महीने 8-10 पर्सेंट के रिटर्न पर फोकस करें. सालाना आधार पर यह 125 फीसदी से ज्यादा होता है.

Cryptocurrency में करते हैं निवेश तो जानिए एंट्री और एग्जिट की परफेक्ट टाइमिंग और खूब बनाएं पैसा

Cryptocurrency की चर्चा पूरी दुनिया में है. दुनिया की जितनी भी बड़ी इकोनॉमी है, वहां के सेंट्रल बैंक अपनी डिजिटल करेंसी पर काम कर रहे हैं. हालांकि, अभी तक केवल एक देश-ElSalvador में इसे कानूनी मान्यता मिली है. इसके बावजूद आज की तारीख में यह निवेशक के लिए सबसे हॉट असेट डॉलर कॉस्ट मेथड? है. ऐसे में क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने से पहले कुछ बातों को जानना बेहद जरूरी है.

फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स के मुताबिक, Cryptocurrency investing से पहले यह जानना जरूरी है कि इसके लिए एंट्री और एग्जिट की स्ट्रैटिजी क्या होगी. कोरोना काल में क्रिप्टोकरेंसी की कीमत में भारी उछाल आया है, क्योंकि दुनियाभर के सेंट्रल बैंकों ने एक्सेस लिक्विडिटी फ्लो किया. इसका कुछ हिस्सा क्रिप्टो मार्केट में चला गया. अप्रैल 2021 में बिटक्वॉइन 64 हजार डॉलर तक पहुंच गया था. दोपहर के ढ़ाई बजे यह 54350 डॉलर के स्तर पर था. पिछले एक सप्ताह में इसमें 28 फीसदी की तेजी आई है.

मंथली 8-10 पर्सेंट रिटर्न पर करें फोकस

क्रिप्टो मार्केट बहुत तेजी से मैच्योर हो रहा है ऐसे में कई हेज फंड और इन्वेस्टमेंट बैंक्स इसमें खुलकर पार्टिसिपेट कर रहे हैं. एक्सपर्ट्स की सलाह है कि जब क्रिप्टो में निवेश करते हैं तो उतार-चढ़ाव बना रहता है. ऐसे में मल्टी बैगर रिटर्न की जगह निवेशकों को मंथली 8-10 पर्सेंट रिटर्न के बारे में सोचना चाहिए. इसी मेथड की मदद से हर महीने अपने पोर्टफोलियो को अपडेट और अपग्रेड करें. अगर आप ऐसा करने में सक्षम हो पाते हैं तो सालाना आधार पर 125 फीसदी से भी ज्यादा रिटर्न मिलेगा.

किस्तों में करें निवेश

बाजार के उतार-चढ़ाव से जिन निवेशकों ने सीखा है, उनका कहना है कि क्रिप्टो मार्केट में निवेश का सबसे शानदार फॉर्म्यूला ‘Dollar Cost Averaging’ है. यह निवेश का वह तरीका है जिसमें आप अपने निवेश की वैल्यु को छोटे-छोटे हिस्सों में बांट देते हैं. जिस भी डिजिटल करेंसी में आपको निवेश करना है उसमें एकसाथ निवेश करने की जगह थोड़ा-थोड़ा निवेश करें. इससे उतार-चढ़ाव (impact of volatility) का असर कम से कम होगा.

अफवाह पर खरीदें, न्यूज पर बेचें

एग्जिट की स्ट्रैटिजी क्या होगी, यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप कितना रिटर्न चाहते हैं. हालांकि, फाइनेंशियल मार्केट में “Buy on the rumor, sell on the news.” का फॉर्म्यूला बहुत पुराना और आजमाया हुआ है. इसका मतलब ये है कि जब अफवाह का बाजार गर्म हो तो खरीदारी करें, और जब उसको लेकर न्यूज आने वाली है तो बिकवाली करें.

टेक्निकल ऐनालिसिस का लें सहारा

इसके अलावा टेक्निकल ऐनालिसिस एग्जिट के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है. बाजार के ज्यादातर निवेशक चाहे वे छोटे हों या बड़े, टेक्निकल इंडिकेटर के आधार पर ही खरीदारी और बिकवाली करते हैं. चूंकि ज्यादातर डॉलर कॉस्ट मेथड? निवेशक इस फॉर्म्युले का इस्तेमाल करते हैं, इसके कारण यह सही भी होता है. अगर आप इसका अध्ययन करेंगे तो ओवरबाउट जोन और ओवरसोल्ड जोन के बारे में पता कर पाएंगे. इससे आपको यह पता रहता है कि खरीदारी कहां करनी चाहिए और बिकवाली का स्तर कहां होगा.

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