मुद्रा विनिमय दर प्रणाली जिसमें विदेशी मुद्रा बाजार में मुद्रा की मांग और आपूर्ति द्वारा विनिमय दर निर्धारित की जाती है

UPSC CDS I Result declared on 21st November 2022. This is the final result for the CDS I examination 2022. Earlier, the Written Exam Result was declared for CDS II. The exam was conducted on 4th September 2022. The candidates who are qualified in the written test are eligible to attend the Interview. A total number of 6658 candidates were shortlisted for the same. The Interview विदेशी मुद्रा रुझान Schedule is going to be released. This year a total number of 339 vacancies have been released for the UPSC CDS Recruitment 2022.

विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट मजबूत डॉलर से मूल्यांकन में बदलाव का नतीजा: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट मजबूत डॉलर से मूल्यांकन में बदलाव का नतीजा: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

वाशिंगटन: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट की मुख्य वजह अमेरिकी डॉलर की मजबूती के कारण मूल्यांकन में बदलाव आना है. सीतारमण ने यहां अंतरराष्ट्रीय मौद्रिक वित्त समिति (आईएमएफसी) को शुक्रवार को संबोधित करते हुए कहा कि भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 23 सितंबर 2022 तक 537.5 अरब डॉलर था जो अन्य समकक्ष अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में बेहतर है. अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने से मूल्यांकन में आए बदलाव ने इस भंडार में आई गिरावट में दो-तिहाई योगदान दिया है.

उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2022-23 की पहली तिमाही में विदेशी मुद्रा भंडार में 4.6 अरब डॉलर का भुगतान संतुलन (बीओपी) आधार पर संचयन हुआ है. अन्य बाहरी संकेतकों में शुद्ध अंतरराष्ट्रीय निवेश स्थिति और लघु अवधि का कर्ज भी कम संवेदनशीलता के सूचक विदेशी मुद्रा रुझान हैं. उन्होंने कहा कि इस स्थिति के बावजूद भारत का बाहरी कर्ज और जीडीपी का अनुपात प्रमुख उभरती बाजार अर्थव्यवस्थाओं में सबसे कम है.

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की एक रिपोर्ट के अनुसार 30 सितंबर तक भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 4.854 अरब डॉलर की गिरावट के साथ 532.664 अरब डॉलर था. इस रिपोर्ट के मुताबिक कुल भंडार में प्रमुख हिस्सेदारी रखने वाले विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों (एफसीए) में कमी आना ही 30 सितंबर को खत्म् हुए हफ्ते के दौरान भंडार में आई गिरावट की वजह है. सीतारमण ने कहा कि आयातित उच्च मुद्रास्फीति के दबाव घरेलू स्तर पर मुद्रास्फीति के भावी पथ के लिए अब भी जोखिम बना हुआ है. इसमें अमेरिकी डॉलर के लगातार महंगे होते जाने की अहम भूमिका है. उन्होंने कहा कि जनवरी 2022 से ही मुद्रास्फीति छह प्रतिशत के ऊपरी सहिष्णुता स्तर से ऊपर बनी हुई है.(भाषा)

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कोरोना काल में इन पांच कारणों से बढ़ी भारत की विदेशी दौलत, आखिर क्या है इसका राज

India's foreign wealth increased due to 5 reasons in Corona period

नई दिल्ली। दुनिया की किसी भी इकोनॉमी में विदेशी मुद्रा भंडार एक अहम स्थान होता है। इस दौलत से किसी भी देश को विदेशों से सामान मंगाने में काफी आसानी होती है। साथ ही आप अच्छी इकोनॉमी में गिने जाते हैं। अगर बात भारत की करें तो मौजूदा समय में विदेशी मुद्रा भंडार अपने चरम पर है। वो भी तब जब देश कोरोना वायरस के मामले में दूसरे नंबर है। जीडीपी के आंकड़े माइनस में है। ताजा आंकड़ों के अनुसार देश के पास मौजूदा समय में 575 अरब डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार है। जिसमें लगातार दो महीनों से इजाफा हो रहा है, लेकिन इसकी शुरुआत जून से ही शुरू हो गई थी, जब देश के इस भंडार ने 500 अरब डॉलर का आंकड़ा छुआ था। खास बात तो ये है कि मौजूदा वित्त वर्ष में यह इजाफा 163 बिलियन डॉलर का हो चुका है। सवाल ये है कि आखिर ऐसे कौन से कारण हैं, जिनकी वजह से भारत का विदेशी मुद्रा भंडार कोरोना काल में आसमान पर पहुंच गया। आइए आपको भी बताते हैं।

विदेशी मुद्रा संकट से जूझ रहा पाकिस्तान, चीन ने एक साल में दिया दो अरब डॉलर से ज्यादा का ऋण

इस्लामाबाद। चीन ने विदेशी मुद्रा के संकट से बुरी तरह जूझ रहे अपने मित्र पाकिस्तान को उबारने के लिए दो अरब डॉलर से अधिक का ऋण मुहैया कराया है। द न्यूज़ की एक रिपोर्ट में गुरुवार को यह जानकारी दी गयी। वित्त विभाग से जुड़े एक अधिकारी ने जानकारी दी है कि चीन सरकार ने …

इस्लामाबाद। चीन ने विदेशी मुद्रा के संकट से बुरी तरह जूझ रहे अपने मित्र पाकिस्तान को उबारने के लिए दो अरब डॉलर से अधिक का ऋण मुहैया कराया है। द न्यूज़ की एक रिपोर्ट में गुरुवार को यह जानकारी दी गयी। वित्त विभाग से जुड़े एक अधिकारी ने जानकारी दी है कि चीन सरकार ने एक साल में दाे अरब डॉलर से अधिक की आर्थिक मदद पाकिस्तान के लिए जारी की है।

उन्होंने एक बयान में कहा,“ चीन ने तीन बार पाकिस्तान को आर्थिक मदद जारी की है, पहली बार 500 मिलियन डॉलर की 27 जून 2022 को मदद की गयी थी, इसके बाद 29 जून 2022 को 500 मिलियन डॉलर और विदेशी मुद्रा रुझान 23 जुलाई 2022 को दो अरब डॉलर दिये गये। ” इस बीच, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने संकेत दिये हैं कि एक बार पर्याप्त आर्थिक मदद का आश्वासन सुनिश्चित होने के बाद अगस्त 2022 के अंत तक उसकी इस मामले में कार्यकारी बोर्ड मीटिंग बुलाने की संभावना है।

इस बीच पाकिस्तानी अधिकारियों को मित्र देशों सऊदी अरब, कतर और यूएई से चार अरब की वह आर्थिक मदद मिलने का इंतजार है जिसकी बात आईएमएफ ने की विदेशी मुद्रा रुझान थी ताकि इसके बाद चालू वित्त वर्ष में सकल बाहरी आर्थिक जरूरत 35 अरब नौ करोड़ को पूरा करने का काम शुरू किया जा सके। इस बीच, पाकिस्तान को मित्र देशों से मदद जब तक मिल पायेगी, उसमें अभी समय है लेकिन पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार अभी ही खतरनाक विदेशी मुद्रा रुझान रूप से निम्न स्तर पर पहुंच गया है।

स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान के बाद अगस्त 2021 में 20 अरब डॉलर के आसपास था जो 22 जुलाई 2022 को घटकर मात्र आठ अरब पचास करोड़ के स्तर पर पहुंच गया। विदेशी मुद्रा भंडार में यह कमी विदेशी ऋण चुकाने और दूसरे भुगतान करने के कारण हुआ है।

पर्यटन से विदेशी मुद्रा आय में उत्साहवर्द्धक वृद्धि

पर्यटन से विदेशी मुद्रा आय में उत्साहवर्द्धक वृद्धि

नई दिल्ली। केन्द्रीय पर्यटन मंत्रालय ने 2016 के दौरान पर्यटन से विदेशी मुद्रा आय में हुई वृद्धि की रिपोर्ट को साझा किया है। इसमें बताय गया है कि कैसे 2014 और 2015 की तुलना में 2016 में पर्यटन से विदेशी मुद्रा रुझान विदेशी मुद्रा आय में विश्व के मुकाबले में भारत ने उच्च स्तरीय प्रदर्शन किया है।

2014 में पर्यटन से होने वाली आय 1,23,320 करोड़ रही जबकि 2015 में यह 1,35,193 करोड़ रही। यह आय 2016 में बढ़कर 1,55,650 करोड़ हो गई। 2015 की तुलना में 2016 के दौरान भारत की विदेशी मुद्रा आया में 15.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। विश्व के मुकाबले में भारत का विदेशी मुद्रा रुझान उच्च स्तरीय प्रदर्शन किया है। हाल के रुझान दर्शाते हैं कि विदेशी मुद्रा आय में भारत की वृद्धि अंतर्राष्ट्रीय पर्यटक प्राप्तियों में विश्व की वृद्धि की तुलना में विदेशी मुद्रा आय में भारत की वृद्धि उच्चत्तर रही है।

इसके पहले पर्यटन मंत्रालय ने 2016 के दौरान घरेलू और विदेशी दोनों पर्यटकों की संख्या में हुई वृद्धि की रिपोर्ट को साझा की थी। इस रिपोर्ट में बताया गया था कि राज्यों और संघ शासित प्रदेशों में घरेलू पर्यटकों की संख्या 2015 की तुलना में 2016 में 12.68 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं विदेशी पर्यटक यात्राओं (एफटीवी) की संख्या 2015 की तुलना में 2016 में 5.92 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

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