आरबीआई के साप्ताहिक सांख्यिकीय पूरक डेटा से पता चलता है कि देश का विदेशी मुद्रा भंडार 12 अगस्त को समाप्त सप्ताह में घटकर 570.74 बिलियन डॉलर हो गया, जो पिछले सप्ताह के 572.978 बिलियन डॉलर से 2.238 बिलियन डॉलर कम था। गौरतलब है कि जब से रूस ने यूक्रेन पर आक्रमण किया है, तब से लगातार भारत का विदेशी मुद्रा भंडार गिर रहा है। इस अवधि में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार कुल 25 में से 19 सप्ताह के लिए 61 बिलियन डॉलर के करीब गिरा है।

मुद्रा का दबाव: डॉलर के मुकाबले रुपये का अवमूल्यन

दुनिया के अन्य प्रमुख मुद्राओं के साथ रुपया एक फिर से एक नए दबाव का सामना कर रहा है। फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दर में भारी - भरकम 75 आधार अंकों की ताजा वृद्धि और अमेरिकी केंद्रीय बैंक द्वारा अपना ध्यान पूरी तरह से मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने पर केंद्रित रखने के स्पष्ट संदेश के मद्देनजर डॉलर में मजबूती जारी है। सप्ताह के अंत में एक नए रिकॉर्ड स्तर पर लुढ़क कर बंद होने से पहले, भारतीय मुद्रा शुक्रवार को दिन – भर के व्यापार (इंट्राडे ट्रेड) के दौरान पहली बार डॉलर के मुकाबले 81 अंक के पार जाकर कमजोर हुई। अस्थिरता को कम करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक गिरावट की मुद्रा के हस्तक्षेप से रुपये में गिरावट की रफ्तार को नरम किया गया। लेकिन 16 सितंबर से 12 महीनों में इस तरह के हस्तक्षेपों का कुल नतीजा यह हुआ कि भारतीय रिजर्व बैंक के विदेशी मुद्रा भंडार के आपातकालीन कोष में लगभग 94 बिलियन डॉलर की कमी आई और यह कोष अब घटकर 545.65 बिलियन डॉलर का रह गया है। डॉलर के मुकाबले अकेले रुपये में ही गिरावट नहीं होने का तथ्य अपने कारोबार के सुचारू संचालन के लिए कच्चे माल या सेवाओं के आयात पर निर्भर रहने वाली भारतीय कंपनियों के लिए थोड़ा सा भी सुकून भरा गिरावट की मुद्रा नहीं हो सकता है। ये कंपनियां एक ऐसे समय में बढ़ती लागत की समस्या से जूझ रहीं हैं, जब महामारी के बाद की स्थिति में घरेलू मांग का एक टिकाऊ स्तर पर पहुंचना अभी भी बाकी है। आयात का बढ़ता खर्च भी गिरावट की मुद्रा पहले से ही लगातार बढ़ती मुद्रास्फीति से घिरी अर्थव्यवस्था पर मुद्रास्फीति के दबाव में और इजाफा करेगा तथा चढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के मौद्रिक नीति निर्माताओं के प्रयासों को और अधिक जटिल बनाएगा।

विदेशी मुद्रा भंडार में आई 2 बिलियन डॉलर की गिरावट, RBI ने रुपये को बचाने के लिए बेचे डॉलर

Forex Reserves Slump By https://d3pc1xvrcw35tl.cloudfront.net/sm/images/420x315/dollar-rupee_202006166882.jpg Billion As RBI Sells Dollars To Defend Rupee | विदेशी मुद्रा भंडार में आई 2 बिलियन डॉलर की गिरावट, RBI ने रुपये को बचाने के लिए बेचे डॉलर

Highlights कुल 2.238 बिलियन डॉलर कम हुआ विदेशी मुद्रा भंडार दुनिया की सभी मुद्राओं पर भारी पड़ा है अमेरिकी डॉलर भारतीय मुद्रा डॉलर के मुकाबले 80 रुपये प्रति डॉलर के स्तर तक पहुंची

नई दिल्ली: भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 2 बिलियन डॉलर घट गया है। रुपये की गिरती कीमत को बचाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने अंतर्राष्ट्रीय बाजार में डॉलर बेचे हैं। जिसकी वजह से देश का विदेशी मुद्रा भंडार कम हुआ है। आरबीआई रुपये की कीमत अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 80 रुपये प्रति डॉलर के नीचे रखना चाहता है। रुपये की स्थिरता को बनाए रखने के लिए यह एक ऐसा प्रयास है जिसे भारतीय केंद्रीय बैंक ने आवश्यक बताया है।

Rupee Dollar Rate Today: रुपये में तेज गिरावट जारी, पहली बार 83 के पार बंद हुआ डॉलर

Rupee Dollar Rate Today: रुपये में तेज गिरावट जारी, पहली बार 83 के पार बंद हुआ डॉलर

बुधवार को भारतीय करेंसी में तेज गिरावट आई. डॉलर पहली बार 83 रुपये के पार बंद हुआ . (Representational Image)

Indian currency plunges below 83-mark for first time Today : इसे रुपये की कमजोरी कहिए या डॉलर की मजबूती, सच तो यही है कि भारतीय करेंसी में गिरावट का सिलसिला जारी है. बुधवार को पहली बार एक डॉलर गिरावट की मुद्रा 83 रुपये के पार बंद हुआ. अमेरिकी करेंसी के मुकाबले भारतीय मुद्रा एक दिन में 61 पैसे यानी करीब 0.74 फीसदी गिर गई. विदेशी पूंजी का आउटफ्लो यानी पलायन जारी रहा और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का रुझान भी. कुल मिलाकर हालात ऐसे बने हुए हैं, जो भारतीय करेंसी की परेशानी बढ़ाने वाले हैं.

दिन ढलने के साथ बिगड़ा रुपये का हाल

बुधवार को इंटर-बैंक फॉरेन एक्सचेंज मार्केट में डॉलर के मुकाबले रुपया 82.32 पर खुला, जो मंगलवार के बंद भाव के मुकाबले 8 पैसे अधिक था. लेकिन शुरुआती कारोबार में दिखा यह सुधार, दिन ढलने तक भारी गिरावट में तब्दील हो गया और डॉलर के मुकाबले रुपया अब तक के सबसे निचले स्तर 83.01 पर बंद हुआ. बुधवार का यह बंद भाव मंगलवार के मुकाबले 61 पैसे कम है. अमेरिकी करेंसी के गिरावट की मुद्रा मुकाबले हमारा रुपया मंगलवार को 10 पैसे गिरकर 82.40 पर बंद हुआ था.

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कैसा रहा डॉलर इंडेक्स का रुझान?

6 देशों की मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी करेंसी के उतार-चढ़ाव का संकेत देने वाला डॉलर इंडेक्स बुधवार को 0.31 फीसदी बढ़कर 112.48 पर बंद हुआ. इस इंडेक्स में जिन 6 करेंसी की तुलना डॉलर से की जाती है, वे हैं : यूरो, जापानी येन, ब्रिटिश पाउंड, कनाडा का डॉलर, स्वीडिश क्रोना और स्विस फ्रैंक.

इस बीच, रुपये पर दबाव बढ़ाने वाले कच्चे तेल के भाव में बुधवार को ऊपर का रुझान नज़र आया. करीब 0.82 फीसदी की तेजी के साथ ब्रेंट क्रूड का भाव 90.77 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल तक चला गया. बुधवार को रुपये पर निगेटिव असर डालने वाली एक और बात हो रही है. विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) मंगलवार को भारतीय पूंजी बाजार में नेट सेलर रहे और उन्होंने 153.40 करोड़ रुपये भारतीय शेयर बाजार से निकाल लिए. बुधवार के आंकड़े आना अब तक बाकी है.

रुपये में क्यों आ रही है गिरावट

दरअसल, भारतीय मुद्रा में गिरावट के लिए भारतीय बाजार से पूंजी के पलायन और अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर के लगातार मजबूत होने को बड़ी वजह माना जा रहा है. इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी, भारत का भारी-भरकम व्यापार घाटा और अमेरिका में ऊंची ब्याज दरों के चलते निवेशकों के रुझान में आए बदलाव को भी रुपये में कमजोरी के लिए जिम्मेदार माना जाता है.

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रुपये के कमजोर होने से भारतीय अर्थव्यवस्था को होने वाले फायदे और नुकसान

1 जनवरी 2018 को एक डॉलर का मूल्य 63.88 था. इसका मतलब है कि जनवरी 2018 से अक्टूबर 2018 तक डॉलर के मुकाबले भारतीय रूपये में लगभग 15% की गिरावट आ गयी है. इस लेख में हम यह बताने जा रहे हैं कि रुपये की इस गिरावट का भारत की अर्थव्यवस्था पर क्या सकारात्मक और नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है.

Falling Indian Currency

भारत में इस समय सबसे अधिक चर्चा अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारत के गिरते रुपये के मूल्य की हो रही है. अक्टूबर 12, 2018 को जब बाजार खुला तो भारत में एक डॉलर का मूल्य 73.64 रुपये हो गया था. ज्ञातव्य है कि 1 जनवरी 2018 को एक डॉलर का मूल्य 63.88 था. इसका मतलब है कि जनवरी 2018 से अक्टूबर 2018 तक डॉलर के मुकाबले भारतीय रूपये में लगभग 15% की गिरावट आ गयी है.

विदेशी मुद्रा भंडार में लगातार चौथे सप्ताह आई गिरावट, 1.15 अरब डॉलर घटकर 571.56 हुआ

नईदिल्ली। आर्थिक र्मोचे पर झटका देने वाली खबर है। देश के विदेशी मुद्रा भंडार में लगातार चौथे हफ्ते गिरावट दर्ज हुई है। देश का विदेशी मुद्रा भंडार 22 जुलाई को समाप्त हफ्ते में 1.152 अरब डॉलर घटकर 571.56 अरब डॉलर रह गया। इस दौरान स्वर्ण भंडार का मूल्य 14.5 करोड़ डॉलर बढ़कर 38.502 अरब डॉलर हो गया। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने जारी आंकड़ों में यह जानकारी दी।

आरबीआई के मुताबिक 22 जुलाई को समाप्त हफ्ते में विदेशी मुद्रा भंडार 1.152 अरब डॉलर घटकर 571.56 अरब डॉलर रह गया, जबकि इससे पहले 15 जुलाई को समाप्त हफ्ते में विदेशी मुद्रा भंडार 7.541 अरब डॉलर घटकर 572.712 अरब डॉलर रह गया था। वहीं, 8 जुलाई को समाप्त हफ्ते में विदेशी मुद्रा भंडार 8.062 अरब डॉलर गिरकर 580.252 अरब डॉलर रह गया था, जबकि एक जुलाई को विदेशी मुद्रा भंडार 5.008 अरब डॉलर घटकर 588.314 अरब डॉलर पर था।

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