Career in Share Market-शेयर मार्केट में बेहतर कॅरियर
शेयर मार्केट काफी संवेदनशील होने के कारण इसमें सोच-समझकर निवेश करने की जरूरत होती है। चूंकि छोटे निवेशक बाजार के रुख और जिन कारणों से शेयर बाजार प्रभावित होता है, उससे सही तरीके से वाकिफ नहीं होते, इसलिए उन्हें किसी ऐसे जानकार की सेवा लेने की जरूरत महसूस होती ही है, जो उसके पैसे का सुरक्षित निवेश सुनिश्चित कर सके और इसलिए स्टॉक ब्रोकर और इस मार्केट से जुड़े अन्य जानकार लोगों की जरूरत होती है। यदि आप भी स्टॉक ब्रोकर बनने में दिलचस्पी रखते हैं, तो सबसे पहले आपको इस मार्केट के बारे में अच्छी तरह से जानना होगा। इसके ब्रोकर कैसे बनते हैं लिए पहले आप किसी प्रामाणिक संस्थान से इससे संबंधित कोर्स करें। फिर उसके बाद किसी स्थापित ब्रोकर के साथ कुछ समय काम करके प्रैक्टिकल अनुभव भी हासिल कर सकते हैं। वैसे, यदि आप कैपिटल ब्रोकर कैसे बनते हैं और कॅमोडिटी मार्केट में रेगुलर इनवेस्ट करने वाले जागरूक निवेशक हैं, ब्रोकर कैसे बनते हैं तो आप भी स्टॉक मार्केट से संबंधित शॉर्ट-टर्म कोर्स करके अपना ब्रोकर कैसे बनते हैं ज्ञान बढ़ा सकते हैं। ऐसा करने से आप भी मार्केट की सही एनालिसिस करने में सक्षम हो सकेंगे।
क्या है स्टॉक एक्सचेंज?
स्टॉक एक्सचेंज एक ऐसा मार्केट है, जहां स्टॉक ब्रोकर्स शेयर्स, डिबेंचर्स, गवर्नमेंट्स सिक्युरिटीज, ब्रोकर कैसे बनते हैं ब्रोकर कैसे बनते हैं बॉन्ड्स लोगों और संस्थाओं को खरीदते व बेचते हैं। इन सिक्युरिटीज का मूल्य डिमांड और सप्लाई के आधार पर मिनट-मिनट में बदलता रहता है। देश में मुंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई), मुंबई और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई), दिल्ली दो बड़े स्टॉक एक्सचेंज हैं। इसके अलावा कोलकाता, चेन्नई, बंगलुरू, अहमदाबाद, जयपुर और लखनऊ में भी स्टॉक मार्केट हैं।
क्या करते हैं स्टॉक ब्रोकर?
शेयर मार्केट में एक स्टॉक ब्रोकर डीलर, अडवाइजर या सिक्युरिटी एनालिस्ट के रूप में काम करता है। स्टॉक ब्रोकर को खुद को संबंधित स्टॉक एक्सचेंज में रजिस्टर्ड कराना होता है। स्टॉक मार्केट का मेंबर बनने के लिए लिखित परीक्षा देनी होती है और इसे उत्तीर्ण करने के बाद ट्रेनिंग भी लेनी होती है। लिखित ब्रोकर कैसे बनते हैं परीक्षा में अकाउंटेंसी, कैपिटल मार्केट, सिक्युरिटी और पोर्टफोलियो एनालिसिस का टेस्ट लिया जाता है। ब्रोकर को मेंबरशिप के लिए एक निश्चित धनराशि भी सिक्युरिटी मनी के रूप में जमा करनी होती है। इसके बाद मेंबर को यह भी सुनिश्चित करना होता है कि स्टॉक मार्केट में काम करने के लिए उसके पास कम्प्यूटर, इंटरनेट आदि का इंफ्रास्ट्रक्चर है। उसे यह विकल्प भी बताना होता है कि वह एक डीलर के रूप में काम करना चाहेगा या फिर वहां पहले से कार्यरत स्टॉकब्रोकिंग फर्म के साथ एजेंट के रूप में! स्टॉक मार्केट में चार तरह के स्टॉक ब्रोकर्स होते हैं : 1. सिक्युरिटीज सेल्स रिप्रेजेंटेटिव 2. सिक्युरिटीज ट्रेडर्स 3. सिक्युरिटीज ब्रोकर्स तथा 4. सिक्युरिटीज एनालिस्ट।
किन लोगों की होती है जरूरत?
स्टॉक मार्केट में काम कर रही बडी ब्रोकिंग फर्मे ऐसे एमबीए को प्राथमिकता देती हैं, जिन्होंने फाइनैंस में स्पेशलाइजेशन किया हो या फिर वह चार्टर्ड अकाउंटेंट या चार्टर्ड फाइनैंशियल एनालिस्ट हो। इस प्रोफेशन में इकोनॉमिस्ट, अकाउंटेंट्स, फाइनैंस मैनेजर, फाइनैंशियल एनालिस्ट, कैपिटल मार्केट स्पेशलिस्ट्स, इनवेस्टमेंट ऐंड फाइनैंशियल प्लानर्स की आवश्यकता भी होती है।
ब्रोकर की बढती मांग
स्टॉक मार्केट बिजनेस और कॅरियर की दृष्टि से तेजी से उभरता हुआ क्षेत्र है। इसमें स्किल्ड लोगों की जबर्दस्त मांग है। वर्ष 1992-93 में जहां स्टॉक ब्रोकर्स की संख्या लगभग साढे छह ब्रोकर कैसे बनते हैं हजार थी, वहीं आज इनकी संख्या बढ़कर करीब पंद्रह हजार से अधिक हो गई है।
करें कौन-सा कोर्स?
यदि आप स्टॉक मार्केट से जुड़ना चाहते हैं, तो आपको एमबीए (फाइनैंस), सीए या सीएफए करना होगा। इकोनॉमिक्स या कॉमर्स में पोस्ट-ग्रेजुएशन करके भी आप इस क्षेत्र में जा सकते हैं। हां, शर्त बस यही है कि आपको वित्तीय मामलों का एक्सपर्ट होना चाहिए। वैसे, खुद स्टॉक एक्सचेंजों या अन्य प्रतिष्ठित निजी संस्थाओं द्वारा संचालित कोर्स/शॉर्ट टर्म कोर्स करके भी आप इस क्षेत्र में आ सकते हैं। आइए जानते हैं इन कोर्सो के बारे में :
पीजी डिप्लोमा इन फाइनैंशियल ऐंड इनवेस्टमेंट प्लॉनिंग : इसमें दो कोर्स हैं, एक की अवधि 12 महीने है जबकि दूसरा 6 माह का कोर्स है। इसके तहत प्रैक्टिकल ट्रेनिंग भी दी जाती है। किसी भी स्ट्रीम में ग्रेजुएट (इकोनॉमिक्स व कॉमर्स को प्राथमिकता) इसमें प्रवेश ले सकते हैं। यह कोर्स देश के कई संस्थानों में उपलब्ध है।
कैपिटल मार्केट सर्टिफिकेट प्रोग्राम : यह शॉर्ट टर्म कोर्स है, जो पूरे वर्ष चलता रहता है। इस कोर्स में कभी भी एडमिशन लिया जा सकता है। यह कोर्स मुंबई स्टॉक एक्सचेंज ट्रेनिंग इंस्टीटयूट द्वारा संचालित किया जाता है। यह प्रोग्राम ऑनलाइन भी उपलब्ध है। ऑल इंडिया सेंटर फॉर कैपिटल मार्केट स्टडीज द्वारा एक वर्ष की अवधि का पोस्ट-ग्रेजुएट प्रोग्राम भी चलाया जाता है।
डिप्लोमा इन फाइनैंशियल ऐंड इनवेस्टमेंट प्लॉनिंग : एक साल की अवधि वाला यह कॅरेस्पॉन्डेंस-कम-लेक्चर कोर्स इंस्टीटयूट ऑफ फाइनैंशियल ऐंड इनवेस्टमेंट प्लॉनिंग, मुंबई द्वारा संचालित किया जाता है। बीएलबी इंस्टीटयूट ऑफ फाइनैंशियल मार्केट (बीआईएफएम) द्वारा भी पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन फाइनैंशियल प्लानिंग ऐंड वेल्थ मैनेजमेंट प्रोग्राम चलाया जाता है। इसमें ग्रेजुएट प्रवेश ले सकते हैं। इसमें 3 ट्राइमेस्टर में 16 पेपर पढ़ाए जाते हैं।
शॉर्ट टर्म कोर्स
कुछ प्रतिष्ठित संस्थाओं द्वारा शॉर्ट टर्म कोर्स भी संचालित किए जाते हैं। इनमें तीन महीने का स्टॉक कॅरियर और स्टॉक बिजनेस कोर्स प्रमुख हैं। इन कोर्सो के तहत कैपिटल मार्केट मॉडयूल, डेरिवेटिव मार्केट, कॅमोडिटी मार्केट, ओडीआईएन लाइव टर्मिनल ऑपरेशन, बैक ऑफिस जॉब ऑपरेशन, फंडामेंटल एनालिसिस, टेक्निकल एनालिसिस आदि की ट्रेनिंग दी जाती है। इसके अलावा स्मार्ट इनवेस्टर (3 माह का) कोर्स भी है। ये सभी जॉब ओरिएंटेड कोर्स हैं, ब्रोकर कैसे बनते हैं जिन्हें करने के बाद आप ब्रोकर फर्मो में काम पा सकते हैं।
प्रमुख संस्थान
द मुंबई स्टॉक एक्सचेंज ट्रेनिंग इंस्टीटयूट 18वीं-19वीं मंजिल, मुंबई स्टॉक ब्रोकर कैसे बनते हैं एक्सचेंज, दलाल स्ट्रीट, मुंबई-400 001 वेबसाइट : bseindia.com
इंस्टीटयूट ऑफ फाइनैंशियल एड इवेस्टमेंट प्लानिंग, बी/303, वेंटेक्स विकास, अंधेरी ईस्ट, मुंबई
द इंस्टीटयूट ऑफ कम्प्यूटर अकाउंटेंट 31, इंद्रदीप बिल्डिंग, कम्युनिटी सेंटर, अशोक विहार, नई दिल्ली-88, फोन : 011-47086000, 46056000 वेबसाइट : icajobguarantee.com
द नरसी मुंजी इंस्टीटयूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडी, मुंबई वेबसाइट : nmims.edu
द यूटीआई इंस्टीटयूट ऑफ कैपिटल मार्केट्स प्लॉट 82, सेक्टर-17, वाशी, नवी मुंबई- 400705
मुंबई कम्युनिटी एक्सचेंज लिमिटेड, नवी मुंबई
बीआईएफएम, वनिता मंडली बिल्डिंग, 2, आजाद भवन रोड, आईपी इस्टेट, आईटीओ, नई दिल्ली वेबसाइट : bifm.edu.in
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