दिशानिर्देशों के अनुरूप टीडीएस की कटौती की जाएगी.

फिक्स्ड डिपॉजिट

|FD Full Form| फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) क्या है- अवधि, इंट्रेस्ट कैलकुलेटर व एफडी ब्याज दरे जाने हिंदी में

आज के महंगाई के समय में हर कोई पैसे की बचत करना चाहता है लेकिन पैसों की बचत करने के लिए हमें याद तो बैंक में पैसों का निवेश करना पड़ता है या फिर कोई स्कीम वगैरा या शेयर बाजार में पैसे को जमा करना पड़ता है उसके बाद ही हमारे पैसों की बचत होती है। दोस्तों आप बैंक में एफडी स्कीम लेकर भी पैसों की बचत कर सकते हैं लेकिन बहुत सारे लोग फिक्स्ड डिपॉजिट क्या है ऐसे होते हैं जिन्हें बैंक में फिक्स डिपाजिट स्कीम लेने से पहले बहुत सारी बातें उनके मन में चलती हैं जैसे कि क्या यह सुरक्षित है या नहीं? कितना रिटर्न मिलेगा? कितना ब्याज है आदि। तो आज हम आपको अपने इस पोस्ट के माध्यम से फिक्स डिपाजिट से संबंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करने वाले हैं |

Table of Contents

फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) क्या है

एफडी की फुलफॉर्म फिक्स्ड डिपॉजिट होता है। बहुत ही सरल और आसान भाषा में एफडी का मतलब अपने पैसों को एक निश्चित समय के लिए बैंक में जमा कराने होते हैं जिसके बाद बैंक आपको पूर्व-निर्धारित समय पूरा होने पर, आपका डिपॉजिट तय ब्याज़ दर पर, चुनी गई अवधि के दौरान ब्याज़ देना शुरू फिक्स्ड डिपॉजिट क्या है कर देता है। एक बार जब आपकी इन्वेस्टमेंट प्लान को किसी विशिष्ट ब्याज़ दर पर लॉक-इन कर दिया जाता है, तो वह ब्याज़ दर या मार्केट के उतार-चढ़ाव में कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।

अगर आपको अपने भविष्य में कभी पैसों की आवश्यकता आन पड़ती है तो आप एफडी प्लान ले सकते हैं जिससे आपकी भविष्य में आने वाली परेशानियां जरूरत के समय वह रकम काम आ सकती हैं। इस स्कीम में सेविंग अकाउंट से ज़्यादा लाभ होता है। यह स्कीम बैंक और एनबीएफसी (नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियां) द्वारा प्रदान किए जाने वाला इन्वेस्टमेंट है जो पैसों की बचत करने का सबसे ज्यादा सिक्योर और बेहतर तरीका है। इस तरह से आप अपनी Fixed Deposit पर गारंटीड रिटर्न आसानी से प्राप्त कर सकते हैं और इसके अलावा आप समय-समय पर अपने ब्याज प्राप्त करने का ऑप्शन भी सिलेक्ट कर सकते हैं। अगर आप समय से पहले अपने एफबी से पैसे लेना चाहते हैं तो उसके लिए आपको जुर्माने का भुगतान करना होता है जिसके बाद आपको वह रकम दे दी जाती हैं।

Benefits Of Fixed Deposit

  • बैंक में निर्धारित समय के लिए अपनी रकम जमा करने से आपके पैसों की फिक्स्ड डिपॉजिट क्या है बचत होती है।
  • यदि आपको किसी प्रकार की परेशानी या कोई विपदा आने पर आप अपनी Fixed Deposit तोड़कर समय से पहले भी पैसे निकाल सकते हैं।
  • एफडी पर आपको सेविंग अकाउंट से ज्यादा अधिक ब्याज दिया जाता है।
  • पैसों की बचत और निवेश फिक्स्ड डिपॉजिट क्या है करने का सबसे सुरक्षित और बेहतरीन तरीका है।
  • एफडी कराने के बाद लोगों को काफी अच्छा ब्याज पूरी गारंटी के साथ दिया जाता है।
  • आप एफडी अपनी सहुलत के हिसाब से कर सकते हैं। काम से काम 7 दिन और ज़्यादा से ज़्यादा आप 10 साल के लिए निवेश कर सकते है।
  • समय पूरा होने के बाद आप इसको renew करा कर ज्यादा लाभ ले सकते है।
  • एफडी कराने के बाद आपको अपने महीने के खर्चों को चलाने के लिए समय-समय पर भुगतान का ऑप्शन दिया जाता है।
  • इसके अलावा Fixed Deposit पर मार्केट के उतार-चढ़ाव का कोई भी प्रभाव नहीं पड़ता।
  • आवश्यकता पढ़ने पर आप अपनी एफडी पर लोन भी ले सकते हैं।
  • एफडी कराने से सबसे बड़ा फायदा यह है कि आपको आपके द्वारा किए गए निवेश की रकम डूबने का कोई खतरा नहीं रहता।
  • आयकर अधिनियम, 1961 के अनुसार, फिक्स्ड डिपॉजिट पर अर्जित ब्याज़ पर टैक्स मूल राशि के आधार काटा जाता है।

फिक्स्ड डिपॉजिट क्या है

विशेषताएँ :

योजना कोड

TD002

पात्रता

कोई भी निवासी व्यक्ति – एकल खातों, संयुक्त खातों में दो या उससे अधिक व्यक्ति, अशिक्षित व्यक्ति, नेत्रहीन व्यक्ति, पर्दानशीन महिला, अवयस्क, एसोसिएशन, क्लब, सोसाइटी, आदि. आरबीआई द्वारा विशेष रूप से अनुमत ट्रस्ट, संस्थानों/एजेंसियां एकल/संयुक्त नाम से “सावधि जमा रसीद” खाता खोलने हेतु पात्र है.

न्यूनतम अवधि

अधिकतम अवधि

न्यूनतम जमाराशि

न्यूनतम राशि संबंधित मानदंड फिक्स्ड डिपॉजिट क्या है सरकार प्रायोजित योजनाओं की सब्सिडी, मार्जिन मनी, बयाना राशि और न्यायालय द्वारा जब्त/आदेशित राशि पर लागू नहीं होंगे.

अधिकतम जमाराशि

ब्याज दर

2)पहले तय करें एफडी का टेन्योर

आपको बता दें कि जो भी एफडी आप कराने के लिए सोच रहे हैं तो उससे पहले आपको टेन्योर फिक्स करना चाहिए। इससे आपको मैच्योरिटी से पहले अपने एफडी को खत्म करने पर जुर्माना नहीं देना पड़ेगा।

साथ ही आपको जो डिपॉजिट पर फायदा मिलता है वह भी कम नहीं होगा। इसलिए यह तय करना जरूरी है कि आप कितना टेन्योर फिक्स करना चाहते हैं।

3)सीनियर सिटीजन के लिए टैक्स में छूट

आपको बता दें कि 60 साल से ज्यादा उम्र के सीनियर सिटीजन के लिए 50 हजार रुपए के ब्याज पर छूट मिलती है। लेकिन इसके अलावा एफडी के ब्याज दर पर कोई छूट नहीं मिलती है।

सीनियर सिटीजन के ब्याज पर जो छूट मिलती है उसे फार्म 80सी के तहत क्लेम किया जा सकता है लेकिन आपको बता दें कि इसके लिए समय अवधि कम से कम 5 साल के लिए एफडी करवानी होगी।

आपको बता दें कि 5 साल वाली एफडी पर ज्यादा से ज्यादा 1.5 लाख का निवेश होने पर 80 सी के तहत छूट मिलती है। अगर आपके घर पर कोई सीनियर सिटीजन है तो वह एफडी में आसानी से निवेश कर सकता है इससे उन्हें ज्यादा फायदा भी मिलेगा।

इन सभी बातों को आपको हमेशा ध्यान में रख कर ही एफडी में निवेश फिक्स्ड डिपॉजिट क्या है करना चाहिए।

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SBI फिक्‍स डिपॉजिट पर इन ग्राहकों को दिया तोहफा (फोटो- iStock)

देश का सबसे बड़े कर्जदाता भारतीय स्‍टेट बैंक (SBI) ने अपने निवेशकों को बड़ी राहत दी है। बैंक ने 2 करोड़ रुपये और उससे अधिक की सावधि जमा (फिक्‍स डिपॉजिट) पर ब्‍याज दर में वृद्धि किया है। एसबीआई की ओर से 0.40 से 0.90 प्रतिशत तक की बढ़ाई गई दरें 10 मई 2022 से प्रभावी मानी जाएंगी। यह बढ़ोतरी ऐसे समय पर आई है, जब भारतीय रिजर्व बैंक ने रेपो रेट में बढ़ोतरी की है।

जानें- क्‍या है एसबीआई की नई दरें
बैंक की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार, 7 से 45 दिनों में परिपक्वता के लिए सावधि जमा पर 3.00 प्रतिशत की नियमित ब्याज अपरिवर्तित है। 46 से 179 दिनों में मैच्योर पर 3% की ब्याज दर दी जाती थी, लेकिन अब यह 3.5 प्रतिशत होगी, जो 50 आधार अंकों की वृद्धि होगी। 180 दिन से 210 दिन में मैच्योर होने वाली जमाओं पर ब्याज दर 40 बेसिस प्वाइंट बढ़ाकर 3.1 फीसदी से 3.5 फीसदी कर दी गई है।

Fixed Deposit: अलग-अलग बैंकों में करें FD, ज्यादा ब्याज समेत मिलेंगे ये 4 फायदे

Alok Kumar

Edited By: Alok Kumar @alocksone
Published on: August 10, 2022 13:17 IST

Fixed Deposit - India TV Hindi

Photo:INDIA TV Fixed Deposit

Highlights

  • एफडी दो तरह की होती हैं बैंक एफडी और कॉरपोरेट एफडी
  • कॉरपोरेट एफडी में बैंक के मुकाबले ज्यादा जोखिम होता है
  • एफडी पर फिक्स्ड डिपॉजिट क्या है आपको जो भी ब्याज मिलेगा, वह टैक्सेबल है

Fixed Deposit: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा रेपो रेट में लगातार तीन वृद्धि के बाद बैंकों ने एफडी पर ब्याज दर बढ़ाना शुरू कर दिया है। इसके चलते एक बार फिर FD के प्रति निवेशकों का रुझान बढ़ा है। श्रीराम ट्रांसपोर्ट फाइनेंस ने एफडी पर 8.75 प्रतिशत तक का ब्याज देने का ऐलान किया है। Yes Bank समेत दूसरे निजी बैंकों ने एफडी पर ब्याज दरों में बढ़ोतरी की है। ऐसे में अगर आप एफडी कराने की तैयारी कर रहे हैं तो हम आपको पांच जरूरी जानकारी दे रहे हैं। इसको फॉलो कर न सिर्फ आप ज्यादा ब्याज पा सकेंगे बल्कि कई दूसरे भी फायदे ले सकेंगे।

1. अलग-अलग बैंकों में करें एफडी

अलग-अलग बैंकों में इन्वेस्टमेंट से रिस्क कम हो जाता है। एफडी में अनिश्चितता बनी रहती है क्योंकि ब्याज दरें घटती-बढ़ती रहती हैं। इससे बचने के लिए ऐसे फिक्स्ड डिपॉजिट्स करिए जिनकी अवधि अलग-अलग हो। मसलन अगर आपके पास इन्वेस्ट करने के लिए चार लाख रुपये हैं, तो इस रकम को 1-1 लाख रुपये की चार डिपॉजिट में बांट लीजिए। फिर इन्हें 1, 2, 3 और चार साल के लिए फिक्स कर दीजिए। जब 1 साल वाली एफडी मच्योर हो, तो उसे 4 साल की एफडी में दोबारा इनवेस्ट कर दीजिए। ऐसा करके कुछ निश्चित समय के बाद ब्याज दर के ऊंचा या नीचा होने का मामला संतुलित हो जाएगा। इसके दो फायदे होंगे। आपको नकदी मिलती रहेगी क्योंकि एक-एक साल के बाद आपकी एफडी मच्योर होती रहेंगी। वहीं, अलग-अलग बैंक में एफडी पर ब्यज की दर एक समान नहीं होती है। किसी बैंक में आपको एफडी पर ज्यादा ब्याज मिलेगा। ऐसे में आप ज्यादा रिटर्न पा सकेंगे।

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