एसीएमओ परिवार नियोजन कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. राजेश प्रसाद ने बताया कि पखवाड़ा के दौरान जिले, ब्लाक और गांव में मोबाईल प्रचार वाहन से परिवार नियोजन (बास्केट ऑफ च्वोइस) का संदेश जोर शोर से प्रचारित और प्रसारित किया जाएगा। इस बार के कार्यक्रम में डिजिटल प्लेटफार्म जैसे व्हाट्सएप, एसएमएस आदि की पूरी मदद ली जाएगी। साथ ही पात्र लाभार्थी को दो महीने के लिए गर्भनिरोधक गोली और कंडोम वितरित किया जाएगा। सभी सरकारी चिकित्सा इकाइयों पर कंडोम पेटिका स्थापित कराई एसएमएम और एसएमओ के बीच अंतर जाएगी और उसमें खपत के आधार पर नियमित कंडोम भरवाया जाएगा। हर इच्छुक लाभार्थी के लिए पुरुष या महिला नसबंदी की पूर्व पंजीकरण की भी सुविधा होगी। गर्भ निरोधक साधनों को अपनाने पर लोंगों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार द्वारा प्रोत्साहन राशि दी जाती है।

सोशल मीडिया ऑप्टिमाइजेशन क्या है

Social Media Optimization क्या होता है

Social Media Optimization क्या होता है?: Social Media Optimization (SMO) सोशल मीडिया पर किसी product, ब्रांड या घटना के बारे में जागरूकता बढ़ाने की प्रक्रिया है। यह वह तरीका है जिसके द्वारा हम व्यवस्थित रूप से Social networking sites का उपयोग करके उन पर प्रचार कर सकते हैं , जिसे social media marketing कहा जाता है।

यह निर्धारित करने के लिए कि किस प्रकार की सामग्री उनके दर्शकों के लिए सबसे उपयुक्त है, सोशल मीडिया प्रबंधक आमतौर पर यह पहचान कर शुरू करते हैं कि उनके अनुयायी क्या ढूंढ रहे हैं और वे इसे कहां ढूंढ रहे हैं। इसमें अक्सर यह जांचना शामिल होता है कि कौन से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म अपने आदर्श ग्राहकों के साथ जुड़ने के सबसे बड़े अवसर प्रदान करते हैं। Facebook, instagram, twitter, linkedin, snapchat, Youtube और पिंटरेस्ट जैसे सोशल नेटवर्क प्रत्येक उपयोगकर्ता के एक अलग जनसांख्यिकीय को पूरा करते हैं, इसलिए सोशल मीडिया ऑप्टिमाइज़ेशन का हिस्सा सामग्री को तदनुसार तैयार कर रहा है। इसके द्वारा हम अपने आदर्श उपयोगकर्ता की अधिकतम पहुंच प्राप्त कर सकते हैं।

SMO और SMM में क्या अंतर है

सोशल मीडिया मार्केटिंग (SMM) के विपरीत, जो मुख्य रूप से सोशल नेटवर्क पर भुगतान किए गए विज्ञापन से संबंधित है, सोशल मीडिया ऑप्टिमाइज़ेशन ऑर्गेनिक (गैर-भुगतान) सामग्री पर केंद्रित है। हालाँकि, दोनों अवधारणाएँ आपस में घनिष्ठ रूप से जुड़ी हुई हैं क्योंकि वे दोनों एक सोशल मीडिया अकाउंट के समग्र प्रदर्शन के साथ-साथ व्यवसाय की निचली रेखा को भी प्रभावित करती हैं। यदि एक सोशल मीडिया अकाउंट (और उसके द्वारा साझा की जाने वाली सामग्री) को अनुकूलित किया जाता है, तो कोई भी सोशल मीडिया मार्केटिंग अभियान सफल होने की अधिक संभावना है। कभी-कभी, एसएमएम अभियान को लागू करके सोशल मीडिया अकाउंट के प्रदर्शन में सुधार किया जा सकता है, जिससे एसएमओ की प्रक्रिया थोड़ी आसान हो जाती है।

सोशल मीडिया ऑप्टिमाइजेशन और Search engine optimization (SEO) भी आपस में जुड़े हुए हैं। खोज इंजन अनुकूलन में उन शब्दों के लिए खोज परिणामों के बीच साइट रैंकिंग की संभावना को अधिकतम करने के लिए कीवर्ड योजना और साइट सामग्री को समायोजित करना शामिल है। यह काफी हद तक प्रत्येक सर्च इंजन के एल्गोरिदम पर निर्भर करता है। ये एल्गोरिदम अक्सर विचार करते हैं कि समग्र खोज प्रदर्शन का निर्धारण करते समय वेबसाइट के लिंक सोशल मीडिया पर कैसा प्रदर्शन करते हैं, इसलिए वेबसाइट की एसएमओ रणनीति एसईओ के लिए भी एक महत्वपूर्ण उपकरण है।

परिवार नियोजन के लिए शुरू हुआ दंपत्ति संपर्क पखवाड़ा : एसएमएम और एसएमओ के बीच अंतर 10 जुलाई तक चलेगा, 11 को मनाया जाएगा विश्व जनसंख्या दिवस

Varanasi : परिवार नियोजन का अपनाओ उपाय, लिखो तरक्की का नया अध्याय, जी हां ! इस बार विश्व जनसंख्या दिवस (11 जुलाई) की यही थीम है। इस खास दिवस और जनसंख्या स्थिरीकरण को बढ़ावा देने के लिए शासन की ओर से वृहद दिशा-निर्देश दिये गए हैं। इसके साथ ही जनपद में दंपत्ति संपर्क पखवाड़ा शुरू हो चुका है, जिसमें समुदाय को परिवार नियोजन के स्थायी और अस्थायी साधनों (बास्केट ऑफ च्वोइस) के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी। इसके बाद जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा (11 से 31 जुलाई तक) इच्छुक लाभार्थियों को सेवाएं दी जाएंगी।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संदीप चौधरी ने बताया कि गत वर्ष की भांति इस वर्ष भी विश्व जनसंख्या दिवस 11 जुलाई को मनाया जाएगा। वर्ष 2022 को आजादी के 75वीं वर्षगांठ के दृष्टिगत आजादी का अमृत महोत्सव के एसएमएम और एसएमओ के बीच अंतर रूप में मनाया जा रहा है। यह अवसर है कि परिवार नियोजन कार्यक्रम से जुड़ी उपलब्धियों को जनमानस के मध्य प्रदर्शित किया जाए। इस वर्ष शासन की ओर से निर्धारित विश्व जनसंख्या दिवस की थीम का मुख्य उद्देश्य जनमानस को सीमित परिवार के बारे में जागरूक बनाने के साथ परिवार नियोजन कार्यक्रम को गति प्रदान कराना भी है। साथ ही पखवाड़े के दौरान समुदाय को संवेदीकृत किए जाने के लिए विभिन्न स्तर पर व्यापक व सघन प्रचार-प्रसार किया जाना चाहिए। विश्व जनसंख्या दिवस के तहत दो पखवाड़े आयोजित करने का निर्देश जारी किया गया है। इसमें 27 जून से 10 जुलाई तक दंपत्ति संपर्क पखवाड़ा और 11 जुलाई से 31 जुलाई तक जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा मनाया जाएगा। पखवाड़े के दौरान जनपद में सीमित परिवार और जनसंख्या स्थिरीकरण के लिए जनजागरूक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

परिवार नियोजन के लिए शुरू हुआ दंपत्ति संपर्क पखवाड़ा

परिवार नियोजन के लिए शुरू हुआ दंपत्ति संपर्क पखवाड़ा

वाराणसी। "परिवार नियोजन का अपनाओ उपाय, लिखो तरक्की का नया अध्याय", जी हाँ ! इस बार विश्व जनसंख्या दिवस (11 जुलाई) की यही थीम है। इस खास दिवस और जनसंख्या स्थिरीकरण को बढ़ावा देने के लिए शासन की ओर से वृहद दिशा-निर्देश दिये गए हैं। इसके साथ ही जनपद में दंपत्ति संपर्क पखवाड़ा शुरू हो चुका है, जिसमें समुदाय को परिवार नियोजन के स्थायी और अस्थायी साधनों (बास्केट ऑफ च्वोइस) के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी। इसके बाद जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा (11 से 31 जुलाई तक) इच्छुक लाभार्थियों को सेवाएँ दी जाएंगी।


मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ संदीप चौधरी ने बताया कि गत वर्ष की भांति इस वर्ष भी विश्व जनसंख्या दिवस 11 जुलाई को मनाया जाएगा। वर्ष 2022 को आजादी के 75वीं वर्षगांठ के दृष्टिगत आज़ादी का एसएमएम और एसएमओ के बीच अंतर अमृत महोत्सव के रूप में मनाया जा रहा है। यह अवसर है कि परिवार नियोजन कार्यक्रम से जुड़ी उपलब्धियों को जनमानस के मध्य प्रदर्शित किया जाए। इस वर्ष शासन की ओर से निर्धारित विश्व जनसंख्या दिवस की थीम का मुख्य उद्देश्य जनमानस को सीमित परिवार के बारे में जागरूक बनाने के साथ परिवार नियोजन कार्यक्रम को गति प्रदान कराना भी है।

एसएमएम और एसएमओ के बीच अंतर

अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) ने चांद की सतह पर पानी (Water on Moon) की खोज की है. चंद्रमा की सतह पर यह पानी उस जगह पर खोजा गया है, जहां सूरज की सीधी रोशनी (Sunlit Surface) पड़ती है. सोमवार को प्रकाशित दो स्टडी के मुताबिक, माना जा रहा है कि पहले के अनुमान से कहीं अधिक पानी चंद्रमा पर मौजूद हो सकता है. इस खोज से भविष्य में स्पेस मिशन (Space Mission) को बड़ी ताकत मिलेगी. यही नहीं इसका उपयोग ईंधन उत्पादन में भी किया एसएमएम और एसएमओ के बीच अंतर जा सकेगा.

नेचर एस्ट्रोनॉमी में सोमवार को प्रकाशित दो नए अध्ययनों में सुझाया गया कि हमारे पुराने अनुमान से कहीं ज्यादा पानी चंद्रमा पर हो सकता है. इसमें ध्रुवीय क्षेत्रों में स्थायी रूप से मौजूद बर्फ भी शामिल है. पिछले शोध में सतह को स्कैन करने पर पानी के संकेत तो मिले हैं, लेकिन ये शोध पानी (H2O) और हाइड्रॉक्सिल के बीच अंतर करने में नाकाम रहा था. हाइड्रॉक्सिल, हाइड्रोजन के एक और ऑक्सीजन के एक परमाणु से मिलकर बना एक अणु है.

रेटिंग: 4.98
अधिकतम अंक: 5
न्यूनतम अंक: 1
मतदाताओं की संख्या: 442